Wednesday, August 12, 2020

"तुम्हें कैसे पता की वो तुमसे प्यार भी करता है?" "कब कहे थे उसने तुमसे वो अल्फ़ाज़ आख़िर बार?" जब कोई मुझसे ऐसा पूछता है ना, तो समझ नहीं आता की क्या जवाब दूं? दरअसल मुझे याद ही नहीं उसने मुझे आई लव यु आख़िर बार कब बोला। उसकी आदत में ही शुमार नहीं था कभी वो 3 लव्ज़ बोलना लेकिन इसका ये मतलब नहीं की उसने अपना प्यार इज़हार नहीं किया। वो तो वो अक्सर ही करता था, और आज भी करता है। हर समय, हर वक़्त मेरे लिए उठाये उसके हर कदम उसके प्यार का इज़हार करते रहे हैं। उसका मेरे लिए हर एक gesture, हर एक एक्शन, उसकी छोटी से छोटी हरकत चीख़ चीख़ के I Love You कहती है। बेहरे हैं वो लोग जिन्हें ये सुनाई नहीं देता। उसने तब भी I Love You कहा था जब मेरी बस यूँ ही बातों में कही हुई ख़्वाहिश को बिना बताये या जताए पूरा किया था उसने तब भी प्यार जताया था जब फ़क्र से मुझे अपने दोस्तों से मिलवाया था और तब भी जब मेरी बातों को बिना कहे समझ जाता था वो मुझसे इश्क़ का ही तो इकरार है जो उसने 2 साल से मुझसे कोई राब्ता नहीं रखा वो जो आज भी मेरी टोह नहीं लेता ना, वो अपनी मोहोब्बत का ही इज़हार करता है। हर दिन, हर पल तुम शायद इस दुनिया के तौर-तरीकों के हिसाब से मुझे पागल समझो तो समझ ही लो कमली मुझे, मुझे ऐतराज़ नहीं है। क्योंकि ये सिर्फ में जानती हूँ की उसका मुझे कोई ताल्लुक ना रखना भी किस तरह से उसका मुझसे प्यार करना है। ख़ैर चलो मान भी ले अगर एक बार को तुम्हारी दुनियादारी की बातें, चलो मान भी लें तर्क के लिए की उसको इश्क़ नहीं हमसे। ना करता हो, ना सही। पर बेइंतहा खुदगर्ज़ हूँ मैं मुझे इस बात से फ़र्क पड़ता है की मैं चाहती हूँ उसे टूट कर, उसकी रूह से बेहिसाब मुहोब्बत है मुझे और मेरे लिए ये एहम बात है वस्ल हो या न हो वो शायद मायने नहीं रखता मेरे लिए मेरे लिए मायने ये रखता है की मेरी क्या औकात है प्यार में क्या इस कदर इश्क़ किया है मैंने उससे की मुझमें वो समा गया है और मैं उसमें? लोग मुझे देखते हैं तो क्या मुझमें उसका अक्स भी झलकता है? क्या तुमको लगता है की मैं और निखर कर और अपने जैसी हो गयी हूँ? अगर इन सवालों का जवाब "हाँ" है तो बस अब और नहीं सफाई पेश करनी मुझे और न कोई दलील मुझे जो कहना था सो कह दिया अब तुम जानो और तुम्हारा काम। हमारी तरफ से अब जय सिया राम।।

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